Devotional Youth एक आध्यात्मिक मंच है, जो विशेष रूप से बच्चों और युवाओं के लिए बनाया गया है, ताकि वे जीवन के प्रारंभिक चरण से ही भगवान और भक्ति से जुड़ सकें। इस वेबसाइट का उद्देश्य सरल और छोटे-छोटे लेखों के माध्यम से बच्चों और युवाओं को भक्ति मार्ग की ओर प्रेरित करना है, जिससे उनके मन में बचपन से ही प्रभु के प्रति प्रेम, श्रद्धा और विश्वास विकसित हो सके। यहाँ प्रकाशित सामग्री इस प्रकार तैयार की गई है कि वह आसानी से समझ में आए और जीवन में सकारात्मक दिशा प्रदान करे।
यह मंच बच्चों और युवाओं के लिए एक मार्गदर्शक की तरह कार्य करता है, जो उन्हें सही दिशा में ले जाकर आध्यात्मिक रूप से समृद्ध बनने में सहायता करता है। यदि बचपन से ही भक्ति का बीज हृदय में बो दिया जाए, तो जीवन में प्रभु की कृपा और आशीर्वाद प्राप्त होना सहज हो जाता है। इसलिए इस वेबसाइट के लेखों का नियमित अध्ययन बच्चों और युवाओं को अवश्य करना चाहिए, ताकि उनके भीतर भक्ति का संस्कार विकसित हो और वे एक श्रेष्ठ एवं संतुलित जीवन जी सकें।
- 01. प्रभु के दो बड़े प्रण
- 02. मनुष्य योनि यानी मुक्ति योनि
- 03. भक्तों का हित करने का प्रभु का प्रण
- 04. प्रभु की सेवा
- 05. केवल प्रभु को प्राथमिकता देना
- 06. भक्ति धन के आगे संसार का धन बहुत गौण
- 07. सौभाग्य और दुर्भाग्य
- 08. प्रभु के श्रीकमलचरण
- 09. भक्तों का ऋण
- 10. प्रभु नाम की महिमा
- 11. प्रभु के बराबर प्रभु का नाम
- 12. प्रभु का दिशा निर्देश
- 13. प्रभु भक्त की महिमा
- 14. श्रीराम नाम की महिमा
- 15. भक्ति की तैयारी
- 16. प्रभु को किए प्रणाम का महत्व
- 17. मृत्यु के बाद केवल भक्ति काम आएगी
- 18. अनन्यता प्रभु को सबसे प्रिय
- 19. भक्ति की अदभुत मिसाल
- 20. हर जगह प्रभु को साथ रखें
- 21. प्रभु युक्ति से भक्तों को बचाते हैं
- 22. प्रभु पर विश्वास
- 23. हर कर्म में प्रभु का अनुग्रह देखें
- 24. प्रभु पर विश्वास
- 25. प्रभु की जय
- 26. नास्तिक से आस्तिक
- 27. प्रभु की गोद
- 28. आस्था हो तो प्रभु स्वयं पधारते हैं
- 29. असली नाम वाली माता आ गई
- 30. प्रभु की कृपा की प्रतीक्षा
- 31. मानव जीवन का सबसे सफल उपयोग
- 32. सत्संग का प्रभाव
- 33. प्रभु पर विश्वास
- 34. सत्संग का प्रभाव
- 35. प्रभु द्वारा दी जाने वाली मजदूरी
- 36. प्रभु की इच्छा ही अपनी इच्छा
- 37. विग्रह में प्रभु साक्षात रूप से रहते हैं
- 38. प्रभु पर भरोसा
- 39. प्रार्थना और इंतजार
- 40. प्रभु पर विश्वास
- 41. नया जन्म
- 42. प्रभु प्रत्यक्ष आते हैं
- 43. प्रभु को भक्तों की चिंता
- 44. प्रभु सबके पालनहार
- 45. प्रभु को रिझाना
- 46. भक्त के बल प्रभु
- 47. प्रभु सर्वसामर्थ्यवान
- 48. सत्संग का महत्व
- 49. प्रभु ही करने वाले
- 50. माया की रस्सी
- 51. प्रभु से मांग
- 52. स्वर्णिम अवसर
- 53. भक्ति के लिए मानव जीवन
- 54. प्रभु ने लाज निभाई
- 55. प्रभु नाम का प्रभाव
- 56. प्रभु के लिए एक नियम
- 57. प्रभु का साम्राज्य
- 58. सुख और दुःख
- 59. भक्ति की व्याख्या
- 60. योगक्षेम का महत्व
- 61. शरणागति का महत्व
- 62. प्रभु के श्रीकमलचरण
- 63. उल्टी रेखाएं
- 64. हमने संसार को पकड़ा
- 65. तिलक का महत्व
- 66. आस्तिक और नास्तिक
- 67. भक्ति के कारण भक्त का प्रभाव
- 68. प्रभु का भरोसा
- 69. प्रभु द्वारा भक्तों को मान
- 70. प्रभु और माता
- 71. प्रभु पर विश्वास
- 72. संत स्वभाव
- 73. कर्मों का फल
- 74. प्रभु के लिए सब संभव
- 75. अनीति का धन
- 76. सबका पोषण प्रभु से
- 77. जैसी करनी वैसी भरनी
- 78. जैसा चिंतन वैसा फल
- 79. प्रभु में विश्वास
- 80. रथ की बागडोर
- 81. भक्ति का दीप
- 82. प्रभु नाम की महिमा
- 83. प्रभु द्वारा सब संभव
- 84. हीरा और कांच
- 85. प्रभु के लिए प्रेम भाव
- 86. प्रभु के लिए भाव
