Skip to main content

Posts

Showing posts from November, 2024

68. प्रभु का भरोसा

हम अपने बल, बुद्धि और पुरुषार्थ पर भरोसा करते हैं जबकि अगर हमें जीतना है तो प्रभु पर भरोसा करना चाहिए । हमें अपने बल, बुद्धि और पुरुषार्थ को भूलना पड़ता है तब जाकर प्रभु पर सच्चा भरोसा कर पाएंगे । श्री महाभारतजी का प्रसंग है । दुर्योधन के उकसाने पर श्री भीष्म पितामह ने प्रतिज्ञा कर ली कि कल के युद्ध में एक पांडव को मारूंगा । प्रभु को पता था कि इसका अर्थ है श्री अर्जुनजी क्योंकि और कोई पांडव तो उनके सामने टिक ही नहीं सकते । उस रात श्री अर्जुनजी निश्चित होकर खर्राटे लेकर सो गए । प्रभु शिविर में चक्कर लगाकर सोचने लगे कि दोनों तरफ परम भागवत् और भक्त हैं । एक का प्राण टूटेगा या दूसरे की जान जाएगी । प्रभु असमंजस में थे कि किसका पक्ष लूं । तब प्रभु ने युक्ति करते हुए श्री अर्जुनजी को नींद से उठाया और पूछा कि तुम चिंतित नहीं हो भीष्म प्रतिज्ञा सुनकर । श्री अर्जुनजी ने नींद से आँखें खोली और कहा कि केशव, आप मेरी चिंता कर रहे हो ना इसलिए मुझे कोई चिंता नहीं है और मुझे निश्चिंत होकर सोने दो । प्रभु को अपना जवाब मिल गया कि किसका पक्ष लिया जाए । श्री भीष्म पितामह ने अपने बल पर प्रतिज्ञा की थी ...

67. भक्ति के कारण भक्त का प्रभाव

भक्ति के कारण भक्तों और संतों का प्रभाव इतना बड़ा होता है जो सचमुच अद्वितीय है । प्रभु अपने प्रिय भक्तों और संतों के प्रभाव को जग जाहिर करने में कोई कसर नहीं छोड़ते । एक प्रसंग से भक्ति के कारण भक्तों और संतों की महिमा का हमें पता चलता है । जब भगवती गंगा माता को पृथ्वीलोक में अवतरण के लिए श्री भागीरथजी ने तपस्या करके राजी किया तो माता ने एक प्रश्न पूछा । माता ने पूछा कि प्रभु के श्रीकमलचरणों से निकलने के कारण उनमें पापनाशिनी शक्ति है । पर जब साधारण लोगों के स्नान करने पर वे उनके पाप हरेंगी तो अंत में उनके यहाँ लोगों का जमा हुए संचित पापों का क्षय कैसे होगा । तो श्री भागीरथजी ने बड़ा मार्मिक उत्तर दिया कि जब कोई प्रभु के भक्त और संत भगवती गंगा माता में स्नान करेंगे तो वे उन संचित पापों को भस्म कर उनका क्षय कर देंगे । इस तरह भगवती गंगा माता में कोई पाप टिक ही नहीं पाएंगे । साधारण लोगों के स्नान करने से भगवती गंगा माता में पाप जमा होंगे और भ क्तों के स्नान करने पर वह जमा पाप का क्षय   हो जाएगा । इससे भक्ति और भक्त की महिमा का पता चलता है ।